भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO के Space Applications Centre की नई seasonal prediction के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच उत्तर भारतीय महासागर में तीन tropical cyclones बन सकते हैं। अनुमान के अनुसार इन चक्रवातों का Power Dissipation Index यानी PDI 13.06 × 10⁶ knots³ रह सकता है, जो पिछले 44 वर्षों के औसत 7.15 × 10⁶ knots³ से काफी ज्यादा है।
यह पूर्वानुमान सितंबर 2026 में तैयार किया गया है और इसे ISRO के Space Applications Centre के ASD, AOSG और EPSA समूहों ने जारी किया है। रिपोर्ट North Indian Ocean के post-monsoon season यानी अक्टूबर से दिसंबर के दौरान cyclone activity का अनुमान देती है।
तीन चक्रवात बनने का अनुमान
ISRO के अनुसार 2026 के post-monsoon season में North Indian Ocean में तीन tropical cyclones बनने की संभावना है। इस क्षेत्र में Bay of Bengal और Arabian Sea शामिल हैं, इसलिए संभावित cyclone activity का असर भारतीय तट के अलावा आसपास के समुद्री क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्ट में 1982 से 2025 तक के post-monsoon वर्षों के cyclone frequency और Power Dissipation Index का विश्लेषण किया गया है। 2026 के लिए अनुमानित तीन cyclones और 13.06 × 10⁶ knots³ का PDI इस ऐतिहासिक औसत की तुलना में अधिक है।
44 साल के औसत से ज्यादा PDI
Power Dissipation Index किसी cyclone की intensity, उसके जीवनकाल और एक साल में बनने वाले cyclones की संख्या को मिलाकर उनकी कुल ताकत का आकलन करता है। ISRO के अनुमान में 2026 का PDI 13.06 × 10⁶ knots³ रखा गया है, जबकि 1982 से 2025 तक के 44 वर्षों का औसत 7.15 × 10⁶ knots³ रहा है।
इसका मतलब यह है कि केवल cyclones की संख्या ही अधिक होने का अनुमान नहीं है, बल्कि पूरे post-monsoon season की cyclone activity का संभावित overall intensity level भी लंबे समय के औसत से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि seasonal prediction किसी खास cyclone की exact तारीख, जगह या landfall पहले से तय नहीं करती।
40 साल के मौसम और समुद्री आंकड़ों का इस्तेमाल
ISRO के अनुसार seasonal prediction तैयार करने के लिए पिछले करीब 40 वर्षों के global reanalysis data का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ERA5 के atmospheric और oceanic parameters शामिल हैं, जो tropical cyclone activity को प्रभावित करते हैं।
रिसर्च में ऐसे संभावित predictors की पहचान की गई जिनके आधार पर cyclone frequency और उनकी destructiveness का पहले से अनुमान लगाया जा सके। मॉडल को जनवरी से अगस्त तक उपलब्ध atmospheric और oceanic parameters के आधार पर तैयार किया गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि North Indian Ocean में tropical cyclones की seasonal activity का लंबी अवधि का पूर्वानुमान coastal population, tourism sector, decision-makers और government agencies के लिए disaster planning में उपयोगी हो सकता है।
अभी कोई सक्रिय चक्रवात नहीं
यह forecast आने वाले अक्टूबर-दिसंबर की seasonal activity से जुड़ा है। 10 सितंबर 2026 के उपलब्ध tropical cyclone monitoring data के अनुसार North Indian Ocean में उस समय कोई active tropical storm नहीं था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग भी North Indian Ocean में cyclone systems और weather disturbances पर नियमित नजर रखता है। सितंबर की शुरुआत में Bay of Bengal में low-pressure activity को लेकर IMD ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी, लेकिन seasonal forecast को किसी मौजूदा cyclone की चेतावनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ISRO की prediction के मुताबिक 2026 के आखिरी महीनों में तीन tropical cyclones बनने की संभावना है और उनका अनुमानित PDI 44 साल के औसत से काफी ऊपर है। आने वाले महीनों में मौसम विभाग और अन्य एजेंसियों की नियमित forecasts के जरिए इन संभावित systems की location, intensity और landfall से जुड़ी जानकारी सामने आएगी।
