मुंबई की अंधेरी पुलिस ने फिल्म ‘Special 26’ से प्रेरित फर्जी इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच रेड के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन ऑफिस ले जाकर कर्मचारियों को बंधक बनाया और कार्रवाई खत्म करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
यह मामला 17 जुलाई का है, जब अंधेरी ईस्ट के चकाला स्थित सहार कार्गो एस्टेट में एक मेडिकल उपकरण कंपनी को निशाना बनाया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने खुद को Income Tax और Crime Branch के अधिकारी बताकर कारोबारी के खिलाफ सरकारी कार्रवाई का डर पैदा किया था।
कारोबारी और पत्नी को जबरन ऑफिस ले गए
आरोपियों में से कुछ कारोबारी के घर पहुंचे और खुद को Income Tax अधिकारी बताया। इसके बाद कारोबारी और उसकी पत्नी को एक वाहन में बैठाकर उनके बिजनेस परिसर में ले जाया गया, जहां उस समय 11 कर्मचारी मौजूद थे।
ऑफिस पहुंचने के बाद आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाए और कर्मचारियों को कार्रवाई वास्तविक होने का भरोसा दिलाने की कोशिश की। उन्होंने ऑफिस के लैंडलाइन फोन के तार काट दिए और कारोबारी, उसकी पत्नी तथा कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए।
पुलिस के अनुसार कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया। कारोबारी और उसकी पत्नी को कथित तौर पर आयकर कार्रवाई का डर दिखाया गया और मामले को खत्म करने के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग की गई।
तीन महिलाओं के व्यवहार से हुआ शक
पूरी कार्रवाई के दौरान कारोबारी को गिरोह में शामिल तीन महिलाओं के व्यवहार पर शक हुआ। पुलिस के मुताबिक कारोबारी को उनकी बातचीत और हाव-भाव आयकर विभाग के अधिकारियों जैसे नहीं लगे। इसके बाद उसे अंदेशा हुआ कि उसके ऑफिस में चल रही रेड असली नहीं है।
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद अंधेरी पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सुरागों की मदद से आरोपियों की पहचान की और गिरफ्तारी शुरू की। 10 सितंबर तक इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इनकम टैक्स विभाग के दो कर्मचारी भी आरोपी
जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि गिरोह में Income Tax विभाग के दो कर्मचारी भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में 57 वर्षीय सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा, जो Income Tax Inspector हैं, और 59 वर्षीय सुनील मनोहर गोरे, जो Tax Assistant हैं, शामिल हैं।
अन्य गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष उदय खोपटकर, विनय रमेश मोरे, प्रेम किसन सबनानी, प्रज्ञा हरीश माईन, रेश्मा शामराव वारंग, सबीना हाफीज शेख, जितु उर्फ जितेंद्र नामदेव मोरे और अशोक विठोबा शिंदे के रूप में हुई है।
पूर्व ड्राइवर पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक संतोष उदय खोपटकर इस कथित साजिश में अहम भूमिका में था। वह पहले कारोबारी राजकुमार कन्डासमी के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता था और दोनों के बीच विवाद के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
जांच एजेंसी का कहना है कि संतोष के पास कारोबारी के कारोबार और उसकी गतिविधियों से जुड़ी पुरानी जानकारी थी। आरोप है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी रेड की योजना तैयार की।
पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल कुछ लोगों को फर्जी रेड में अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के लिए तैयार किया गया था। उन्हें अधिकारी या कर्मचारी का किरदार निभाना था और इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।
पहले भी फर्जी रेड का मामला सामने आया
पुलिस की जांच में इस गिरोह की कथित गतिविधियों के पहले के मामलों की जानकारी भी सामने आई है। ठाणे के मानपाड़ा इलाके में भी इसी तरह की फर्जी रेड किए जाने और करीब 25 लाख रुपये वसूले जाने की बात जांच में सामने आई है।
अंधेरी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले कितने कारोबारियों को निशाना बनाया था और कितनी रकम वसूली गई। पुलिस पुराने मामलों और आरोपियों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
फर्जी रेड में सरकारी पहचान का इस्तेमाल
जांच के अनुसार आरोपियों ने पूरी कार्रवाई को वास्तविक सरकारी छापे जैसा दिखाने के लिए फर्जी पहचान पत्र और अलग-अलग भूमिकाओं का इस्तेमाल किया। कारोबारी के घर से उसे ऑफिस तक ले जाने, कर्मचारियों के मोबाइल जब्त करने और उन्हें एक कमरे में बंद करने की योजना पहले से तैयार की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2), 204, 205, 333, 140(2), 127(1), 351(2) और 308(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश जारी है कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
अंधेरी पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। पुलिस ठाणे के मानपाड़ा सहित पुराने मामलों से आरोपियों के संभावित संबंधों और Income Tax विभाग के अन्य कर्मचारियों की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।
