देश के कई राज्यों में लगातार बारिश के बीच उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हालात बिगड़ गए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड से रास्ता बंद हो गया, जबकि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुल और फर्रुखाबाद में हाईवे पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश के दमोह में भी तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बने हैं। कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटा
उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में भारी बारिश के बीच पैदल यात्रा मार्ग पर बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके बाद पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से रास्ते पर आवाजाही प्रभावित हुई और लैंडस्लाइड के कारण मार्ग बंद करना पड़ा।
केदारनाथ का पैदल मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। प्रशासन और राहत टीमों की ओर से प्रभावित हिस्से का जायजा लिया जा रहा है।
मौसम खराब रहने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित हिस्से पर आवाजाही रोकना जरूरी माना जा रहा है। रास्ता साफ होने और स्थिति सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यातायात बहाल किए जाने की उम्मीद है।
मिर्जापुर में पुल पर असर
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश और बढ़े जलस्तर के बीच एक पुल पर पानी और तेज बहाव का असर देखा गया, जिससे स्थानीय आवागमन में परेशानी बढ़ गई।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फर्रुखाबाद में हाईवे पर भरा पानी
फर्रुखाबाद में बारिश और गंगा के बढ़े जलस्तर का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। कई जगह पानी सड़क तक पहुंचने से हाईवे और प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
जिले के अमृतपुर क्षेत्र में गंगा का पानी कड़हर रोड तक पहुंचने की सूचना है। भरखा चौराहे पर करीब तीन फीट पानी बहने से हरदोई की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई है और स्थानीय प्रशासन ने राहत इंतजाम शुरू किए हैं।
जलभराव वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
दमोह में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश के दमोह में भी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। निचले क्षेत्रों में जलभराव बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में मौसम की गतिविधियों के बीच कुछ इलाकों में बारिश का जोर कम होने के बाद भी जलभराव और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर का असर बना हुआ है। दमोह समेत प्रभावित जिलों में प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
कई राज्यों में बारिश का असर
मानसून की सक्रियता के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में जहां लैंडस्लाइड और बादल फटने से सड़क और पैदल मार्ग प्रभावित हुए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में जलभराव तथा नदियों के बढ़े जलस्तर से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी है।
मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कुछ हिस्सों में बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार यातायात तथा अन्य गतिविधियों को नियंत्रित किया जा रहा है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिलहाल लैंडस्लाइड प्रभावित हिस्से को लेकर सावधानी बरती जा रही है। वहीं मिर्जापुर, फर्रुखाबाद और दमोह में जलभराव तथा बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन राहत और निगरानी कार्य जारी रखे हुए है।
