Apple के नए iPhone मॉडल और मौजूदा डिवाइस की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भारत में कुछ खरीदार रिफर्बिश्ड और पुराने iPhone की ओर रुख कर सकते हैं। खासकर आगामी त्योहारी सीजन में नए iPhone की ऊंची कीमतों के कारण सेकेंड-हैंड और रिफर्बिश्ड डिवाइस की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
भारत में Apple ने अपने कई iPhone मॉडल की कीमतों में बदलाव किया है। अलग-अलग मॉडल और स्टोरेज वेरिएंट के हिसाब से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रीमियम iPhone खरीदने वाले ग्राहकों का बजट पहले की तुलना में बढ़ सकता है।
Apple की भारतीय वेबसाइट पर iPhone 17 की 256GB कीमत ₹99,900 से शुरू होती है, जबकि iPhone 17e की शुरुआती कीमत ₹79,900 और iPhone 16 की 128GB कीमत भी ₹79,900 है। कंपनी चुनिंदा मॉडल पर एक्सचेंज, कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्प भी देती है।
रिफर्बिश्ड iPhone की मांग पहले से बढ़ रही है
भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाजार पहले से तेजी से बढ़ रहा है। Counterpoint Research के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बिक्री सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़ी, जबकि नए स्मार्टफोन की बिक्री में करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
Counterpoint को उम्मीद है कि 2026 में भारत का रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार करीब 16 फीसदी बढ़ सकता है। नए स्मार्टफोन की बढ़ती कीमत, प्रीमियम डिवाइस की मांग और इस्तेमाल किए गए फोन खरीदने को लेकर ग्राहकों की बढ़ती स्वीकार्यता इसके प्रमुख कारण हैं।
2026 की पहली छमाही में भारत के रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार में Apple की हिस्सेदारी 23 फीसदी रही, जबकि Samsung करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी के साथ आगे रहा। iPhone 13 भी रिफर्बिश्ड बाजार में लोकप्रिय मॉडलों में शामिल है।
नए और रिफर्बिश्ड फोन के बीच कीमत का अंतर
Cashify के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में उसके प्लेटफॉर्म पर रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की बिक्री में Apple की हिस्सेदारी 65.3 फीसदी रही। कुल स्मार्टफोन buyback में भी Apple की हिस्सेदारी 32.6 फीसदी थी। iPhone 13 प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाले रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन में रहा।
IDC की सीनियर एनालिस्ट Upasna Joshi ने कहा, ‘This price move is likely to push even more demand into India’s refurbished channel.’ उन्होंने यह भी कहा कि कीमतों में बदलाव Apple के पोर्टफोलियो में व्यापक स्तर पर हुआ है और iPhone 17e से लेकर Pro Max मॉडल तक इसका असर दिखाई देता है।
Joshi ने कहा, ‘Brand loyalty doesn’t disappear when affordability tightens, it just shifts channels.’ उनके अनुसार, मौजूदा iPhone यूजर्स ट्रेड-इन के जरिए नए फोन की कीमत कम कर सकते हैं, जबकि नए खरीदार कम कीमत में Apple के ecosystem में आने के लिए रिफर्बिश्ड मॉडल चुन सकते हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है मांग
Apple की कीमतों में बदलाव का असर आने वाले त्योहारी सीजन में ज्यादा स्पष्ट हो सकता है। इस दौरान ग्राहक आमतौर पर डिस्काउंट, कैशबैक, एक्सचेंज और EMI ऑफर की तलाश करते हैं।
रिटेलर्स के पास पहले से मौजूद पुराना स्टॉक भी खरीदारों के लिए आकर्षक हो सकता है, क्योंकि कुछ डिवाइस पुराने दामों के आसपास उपलब्ध हो सकते हैं। यह स्टॉक खत्म होने के बाद रिफर्बिश्ड और प्री-ओन्ड iPhone की मांग बढ़ने की संभावना है।
Cashify के मुताबिक, नए iPhone लॉन्च होने के बाद अगले 60 से 90 दिनों में स्मार्टफोन buyback में तेजी आ सकती है। iPhone 15 और iPhone 16 जैसे अपेक्षाकृत नए मॉडल इस्तेमाल किए गए फोन के बाजार में ज्यादा उपलब्ध हो सकते हैं, जबकि iPhone 13 और iPhone 14 की मांग भी बनी रहने की उम्मीद है।
भारत में Apple की बिक्री पर दबाव
Apple की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब भारत का स्मार्टफोन बाजार भी affordability pressure का सामना कर रहा है। IDC के अनुमान के मुताबिक, 2026 में भारत में Apple की कुल shipments 2025 के 14.3 मिलियन यूनिट के मुकाबले single-digit गिरावट दर्ज कर सकती हैं।
हालांकि, ऊंची कीमतों के बावजूद Apple की मजबूत brand value और trade-in जैसी सुविधाएं कंपनी के लिए मांग बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। वहीं, रिफर्बिश्ड iPhone उन ग्राहकों के लिए कम कीमत वाला विकल्प बन सकता है जो नया मॉडल खरीदना चाहते हैं लेकिन बढ़ी हुई कीमत नहीं देना चाहते।
रिफर्बिश्ड बाजार में संगठित कंपनियों की भूमिका
भारत का रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार अभी भी काफी हद तक unorganised sellers पर निर्भर है। Counterpoint के अनुमान के अनुसार, इस बाजार का करीब 20 फीसदी हिस्सा organised channels के पास है, जबकि लगभग 80 फीसदी हिस्सा unorganised sellers के पास है।
सर्टिफाइड refurbishment और संगठित recommerce platforms के विस्तार से ग्राहकों का भरोसा बढ़ सकता है। इससे आने वाले समय में पुराने iPhone की खरीद-बिक्री का बाजार और मजबूत होने की संभावना है।
भारत और विदेशों की कीमतों का अंतर
Apple के प्रीमियम डिवाइस की भारत और दूसरे देशों में कीमतों का अंतर भी चर्चा में है। कंपनी के नए foldable iPhone Duo की भारत में शुरुआती कीमत ₹2,99,900 बताई गई है, जो विदेशी बाजारों में कीमत की तुलना में काफी अधिक है।
Counterpoint Research के निदेशक Tarun Pathak के अनुसार, भारत में iPhone Duo की ऊंची कीमत का एक प्रमुख कारण शुरुआती यूनिट का भारत में निर्मित नहीं होना है। आयात शुल्क, GST और रुपये की विनिमय दर जैसे कारक अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
All India Mobile Retailers Association के संस्थापक और चेयरमैन Kailash Lakhyani ने भी भारत और विदेशी बाजारों के बीच बड़े price gap को लेकर grey market और personal imports की संभावना पर चिंता जताई है।
फिलहाल, Apple की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भारतीय खरीदारों के पास पुराने स्टॉक, exchange offers और refurbished iPhone जैसे विकल्प मौजूद हैं। 2026 के बाकी महीनों में नए iPhone लॉन्च और त्योहारी खरीदारी के साथ refurbished smartphone market में मांग और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
