सारण जिले में गंगा, सरयू, गंडक और माही नदियों के बढ़े जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। रिविलगंज प्रखंड के कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है और कुछ जगहों पर घरों के भीतर चार से आठ फीट तक पानी भरने की सूचना है।
दक्षिणी छपरा और रिविलगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का ड्रोन व्यू भी सामने आया है, जिसमें बड़े हिस्से में पानी फैला दिखाई दे रहा है। कई गांवों में सड़क और खेत जलमग्न हैं, जबकि लोगों के आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रिविलगंज के गांवों में गंभीर स्थिति
रिविलगंज प्रखंड की दिलियारहीमपुर पंचायत समेत कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कुछ घरों में चार से आठ फीट तक पानी पहुंच गया है, जिससे लोगों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की समस्या पैदा हो गई है।
सरयू नदी के जलस्तर में हाल के दिनों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार 72 घंटे के भीतर सरयू के जलस्तर में 1.14 मीटर की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद रिविलगंज और आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर और बढ़ गया।
93 गांवों की 2.05 लाख आबादी प्रभावित
5 सितंबर की प्रशासनिक स्थिति के अनुसार सारण के सात प्रखंडों की 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में कुल 2,05,849 लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए 119 नाव और छह बोट एंबुलेंस संचालित की जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार बोट एंबुलेंस के जरिए जरूरतमंद लोगों को प्रभावित इलाकों से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पशुओं के लिए भी बनाए गए आश्रय स्थल
बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों के साथ पशुओं के लिए भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से 377 पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में रखा गया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में पॉलिथीन शीट, सूखा राहत राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।
माही नदी का तटबंध टूटने से बढ़ी परेशानी
सारण में बाढ़ की स्थिति के बीच दिघवारा में माही नदी के दाएं तटबंध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया, जिसके बाद आसपास के कई गांवों में पानी फैल गया। बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंचने की भी सूचना सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक डोरीगंज के सिंगही गांव के पास NH-19 पर करीब एक फीट पानी बह रहा था। इससे हाजीपुर-छपरा मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कई इलाकों में आवागमन प्रभावित
सारण के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीण सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ है। कुछ गांवों में लोग ऊंचे स्थानों और सुरक्षित जगहों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं, जबकि कई प्रभावित क्षेत्रों में नाव से आवाजाही की जा रही है।
रिविलगंज से सटे छपरा शहर के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा है। इससे पहले सीढ़ी घाट, नेवाजी टोला, रूपगंज और धर्मशाला के आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी
जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों को सक्रिय किया है और जलस्तर तथा आवागमन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत सामग्री के वितरण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बोट एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फिलहाल सारण में नदियों के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। 5 सितंबर तक उपलब्ध प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 93 गांवों में 2.05 लाख से अधिक लोग प्रभावित थे और राहत-बचाव के लिए 119 नाव तथा छह बोट एंबुलेंस परिचालन में थीं।
