भोजपुरी अभिनेता और बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह पर पत्नी ज्योति सिंह के भरण-पोषण मामले में अदालत में पेश नहीं होने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बलिया की पारिवारिक अदालत में बुधवार को सुनवाई के दौरान पवन सिंह का बयान दर्ज होना था, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे।
पवन सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने अदालत को बताया कि पटना में बाढ़ की स्थिति के कारण पवन सिंह सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। उनकी ओर से सुनवाई स्थगित करने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया गया था, लेकिन अदालत ने अनुपस्थिति पर 1000 रुपये का हर्जाना लगाया।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है। पवन सिंह को अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
ज्योति सिंह बुधवार को अपने वकील के साथ अदालत पहुंची थीं। यह मामला उनकी ओर से दायर अंतरिम भरण-पोषण याचिका से जुड़ा है, जिसमें अदालत में पवन सिंह का पक्ष और बयान दर्ज किया जाना था।
11 अगस्त को भी नहीं पहुंचे थे पवन सिंह
ज्योति सिंह के वकील के अनुसार, इससे पहले 11 अगस्त को भी पवन सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन वह उस दिन भी अदालत में पेश नहीं हुए थे। अब अदालत ने अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को बलिया में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका दाखिल की थी।
ज्योति सिंह ने 10 करोड़ रुपये की मांग की
ज्योति सिंह की ओर से दायर याचिका में पवन सिंह की आय को लेकर भी दावा किया गया है। याचिका में उनकी वार्षिक आय करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है और इसी आधार पर ज्योति सिंह ने अपने भरण-पोषण के लिए हर महीने 5 लाख रुपये की मांग की है।
इसके अलावा पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच तलाक का मामला भी आरा की फैमिली कोर्ट में चल रहा है। फरवरी 2026 में हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अदालत पहुंची थीं, जबकि पवन सिंह स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर पेश नहीं हुए थे।
तलाक मामले में ज्योति सिंह की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि पवन सिंह उनके साथ नहीं रहना चाहते हैं तो उन्हें 10 करोड़ रुपये की एलिमनी और एक मकान देना होगा। उनके वकील ने अदालत के सामने यह मांग रखी थी।
तलाक मामले में दोनों पक्षों का अलग रुख
फरवरी में आरा कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह ने कहा था कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। दूसरी ओर, पवन सिंह की ओर से अदालत में यह पक्ष रखा गया कि वह ज्योति सिंह के साथ नहीं रहना चाहते और दोनों का साथ रहना संभव नहीं है।
पवन सिंह के वकील ने यह भी कहा था कि वह एकमुश्त समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन दोनों पक्षों की मौजूदगी नहीं होने के कारण उस समय इस पर आगे बातचीत नहीं हो सकी।
फिलहाल बलिया में चल रहे भरण-पोषण मामले में अदालत ने पवन सिंह पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है और अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की है। वहीं, आरा में चल रहे तलाक मामले में भी दोनों पक्षों के बीच कानूनी प्रक्रिया जारी है।
