बिहार के गांव या शहर में अगर नल से पानी नहीं आ रहा है, पानी की सप्लाई लगातार बंद है, पाइपलाइन खराब हो गई है या नल-जल योजना से जुड़ी कोई दूसरी समस्या है, तो इसकी शिकायत घर बैठे दर्ज की जा सकती है। बिहार सरकार ने नागरिकों के लिए ऑनलाइन लोक शिकायत व्यवस्था उपलब्ध कराई है, जिसके जरिए सरकारी योजना और सेवा से जुड़ी शिकायत दर्ज करने के साथ उसका Status भी देखा जा सकता है।
नल-जल से जुड़ी शिकायत के लिए सबसे उपयोगी विकल्प बिहार लोक शिकायत निवारण पोर्टल है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था से संबंधित समस्या के लिए Public Health Engineering Department यानी PHED की शिकायत सेवा भी महत्वपूर्ण है। PHED बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था से संबंधित प्रमुख विभाग है।
नल-जल की शिकायत कहां करें?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पानी की शिकायत के लिए हर जगह एक ही विभाग जिम्मेदार नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी पेयजल व्यवस्था से जुड़ी शिकायत PHED से संबंधित हो सकती है, जबकि किसी नगर निगम या नगर निकाय क्षेत्र में पानी की समस्या स्थानीय निकाय के माध्यम से देखी जा सकती है। अगर शिकायत के समाधान में दिक्कत हो रही है या सरकारी सेवा नहीं मिल रही है, तो बिहार लोक शिकायत निवारण पोर्टल पर परिवाद दर्ज करना एक अलग विकल्प है।
| शिकायत या सेवा | कहां शिकायत करें | आधिकारिक माध्यम |
|---|---|---|
| नल-जल / सरकारी पेयजल की समस्या | बिहार लोक शिकायत निवारण | लोक शिकायत पोर्टल |
| ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल सप्लाई | Public Health Engineering Department | PHED शिकायत सेवा |
| नगर क्षेत्र में पानी की समस्या | संबंधित नगर निकाय | नगर निकाय की शिकायत व्यवस्था |
| लोक शिकायत की स्थिति | बिहार लोक शिकायत निवारण | शिकायत ID से Status |
Online Water Complaint कैसे दर्ज करें?
बिहार में नल-जल की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने के लिए सबसे पहले बिहार लोक शिकायत निवारण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। पोर्टल पर परिवाद दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। शिकायतकर्ता को अपनी समस्या की जानकारी देकर आवेदन जमा करना होता है।
- बिहार लोक शिकायत निवारण की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- परिवाद दर्ज करने वाले विकल्प पर जाएं।
- मोबाइल नंबर और मांगी गई दूसरी जानकारी दर्ज करें।
- अपनी पानी से जुड़ी समस्या साफ शब्दों में लिखें।
- जरूरत होने पर संबंधित स्थान और अन्य जानकारी दर्ज करें।
- फॉर्म को ध्यान से जांचने के बाद शिकायत Submit करें।
- शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाली Registration ID या Complaint ID सुरक्षित रखें।
बिहार लोक शिकायत निवारण की आधिकारिक जानकारी के अनुसार शिकायत ऑनलाइन पोर्टल, शिकायत प्राप्ति केंद्र और टोल-फ्री नंबर के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है। यह व्यवस्था बिहार Right to Public Grievance Redressal Act के तहत काम करती है।
शिकायत में क्या लिखें?
कई बार शिकायत दर्ज तो हो जाती है, लेकिन समस्या की सही जानकारी नहीं होने के कारण कार्रवाई में परेशानी हो सकती है। इसलिए नल-जल की शिकायत लिखते समय केवल ‘पानी नहीं आ रहा है’ लिखने के बजाय समस्या का पूरा विवरण देना बेहतर है।
- गांव या मोहल्ले का नाम
- पंचायत या नगर निकाय का नाम
- वार्ड नंबर
- नल-जल योजना या पानी की सप्लाई की समस्या
- कितने दिनों से पानी नहीं आ रहा है
- पाइपलाइन टूटने या लीकेज की जानकारी
- नल या पानी की टंकी खराब होने की जानकारी
- अगर पानी गंदा आ रहा है तो इसकी जानकारी
उदाहरण के लिए शिकायत में लिखा जा सकता है कि संबंधित वार्ड में पिछले कई दिनों से Har Ghar Nal Ka Jal की सप्लाई बंद है और घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। अगर पाइपलाइन टूटने की वजह से सड़क पर पानी बह रहा है, तो उसका स्थान भी स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
नल में पानी नहीं आ रहा तो क्या करें?
अगर आपके घर या मोहल्ले में नल-जल की सप्लाई नहीं आ रही है, तो पहले यह पता करें कि समस्या केवल आपके घर में है या पूरे वार्ड या टोले में। अगर पूरे इलाके में पानी बंद है, तो यह सप्लाई लाइन, मोटर, टंकी या पाइपलाइन से जुड़ी समस्या हो सकती है।
ऐसी स्थिति में स्थानीय स्तर पर संबंधित जलापूर्ति कर्मचारी या पंचायत से जानकारी लेने के बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो बिहार लोक शिकायत निवारण पोर्टल पर परिवाद दर्ज करना उपयोगी विकल्प हो सकता है।
पानी गंदा आने की शिकायत कैसे करें?
अगर नल से आने वाला पानी गंदा है, उसमें बदबू है या पानी पीने योग्य नहीं लग रहा है, तो शिकायत में इस बात को साफ-साफ लिखें। केवल पानी नहीं आने की शिकायत के बजाय पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्या का उल्लेख करना जरूरी है।
शिकायत में यह भी बताया जा सकता है कि किस स्थान पर पानी की समस्या है और कितने समय से ऐसी स्थिति बनी हुई है। यदि आपके पास समस्या की फोटो उपलब्ध है और संबंधित शिकायत व्यवस्था उसे स्वीकार करती है, तो उसे प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
PHED में Water Complaint कैसे करें?
बिहार का Public Health Engineering Department ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति से संबंधित प्रमुख विभाग है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पेयजल से संबंधित जानकारी और शिकायत के लिए संपर्क माध्यम उपलब्ध हैं।
PHED की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए विवरण के अनुसार विभाग के शिकायत नंबर के रूप में 18001231121 दिया गया है। ग्रामीण इलाके में नल-जल या पेयजल सप्लाई से जुड़ी समस्या होने पर इस माध्यम की जानकारी रखना उपयोगी है।
| विभाग | काम | Official Website |
|---|---|---|
| Public Health Engineering Department | ग्रामीण पेयजल और जलापूर्ति | PHED Bihar |
| Bihar Public Grievance Redressal | सरकारी सेवा से जुड़ी शिकायत और उसका निवारण | Lok Shikayat Bihar |
बिहार लोक शिकायत का टोल-फ्री नंबर
अगर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने में परेशानी हो रही है, तो बिहार लोक शिकायत निवारण का टोल-फ्री नंबर 1800 345 6284 इस्तेमाल किया जा सकता है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के साथ शिकायत की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है। कॉल सेंटर का समय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6:30 बजे तक दिया गया है।
इसलिए जिन लोगों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में परेशानी होती है, वे फोन के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कराने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद मिली Registration ID को सुरक्षित रखना जरूरी है।
Water Complaint का Status कैसे देखें?
शिकायत दर्ज करने के बाद सबसे जरूरी काम उसकी Complaint ID सुरक्षित रखना है। बिहार लोक शिकायत निवारण की वेबसाइट पर परिवाद की स्थिति देखने के लिए शिकायत ID खोजने का विकल्प उपलब्ध है। वहां संबंधित ID दर्ज करके शिकायत का Status देखा जा सकता है।
- लोक शिकायत निवारण की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- परिवाद की स्थिति देखने वाले विकल्प पर जाएं।
- अपनी शिकायत ID दर्ज करें।
- दिए गए विकल्प के अनुसार जानकारी Submit करें।
- स्क्रीन पर शिकायत की वर्तमान स्थिति देखें।
शिकायत के लिए जरूरी Official Links
| काम | Official Website / जानकारी |
|---|---|
| बिहार लोक शिकायत दर्ज करना | lokshikayat.bihar.gov.in |
| लोक शिकायत का Status | Bihar Lok Shikayat Portal |
| PHED Bihar | Public Health Engineering Department Bihar |
| लोक शिकायत हेल्पलाइन | 1800 345 6284 |
| PHED Complaint Number | 18001231121 |
शिकायत दर्ज करने से पहले ये बातें ध्यान रखें
- मोबाइल नंबर सही दर्ज करें।
- गांव, पंचायत और वार्ड की जानकारी सही दें।
- समस्या कितने दिनों से है, यह जरूर बताएं।
- पानी नहीं आने और गंदे पानी की समस्या को अलग-अलग स्पष्ट करें।
- पाइपलाइन टूटने पर स्थान की सही जानकारी दें।
- Complaint ID को Screenshot लेकर सुरक्षित रखें।
- बार-बार शिकायत करने के बजाय पहले दर्ज शिकायत का Status देखें।
कितने समय में शिकायत का समाधान होगा?
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से सुनना और उनका निवारण करना है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज होने के बाद सुनवाई की तारीख और Registration ID की जानकारी दी जाती है। अधिनियम के तहत शिकायत पर निर्णय की जानकारी देने की व्यवस्था भी है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था के तहत शिकायतों के लिए अधिकतम 60 कार्य दिवस की समय सीमा का प्रावधान है। हालांकि किसी विशेष नल-जल समस्या का वास्तविक समाधान स्थानीय स्थिति, संबंधित विभाग और समस्या की प्रकृति पर निर्भर कर सकता है।
शिकायत का समाधान नहीं हो तो क्या करें?
अगर शिकायत दर्ज करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो पहले Complaint Status देखें और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करें। बिहार लोक शिकायत निवारण व्यवस्था में शिकायतकर्ता को निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में अपील करने का विकल्प भी दिया गया है।
इसलिए शिकायत दर्ज करने के बाद Registration ID, सुनवाई की जानकारी और संबंधित दस्तावेजों को संभालकर रखना बेहतर है। इससे जरूरत पड़ने पर आगे की प्रक्रिया में परेशानी नहीं होती।
नल-जल शिकायत के लिए कौन सा तरीका सबसे आसान है?
अगर आपके पास मोबाइल और इंटरनेट है तो ऑनलाइन Bihar Lok Shikayat Portal सबसे आसान विकल्पों में से एक है। अगर ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत है तो 1800 345 6284 पर संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण पेयजल से जुड़ी समस्या के लिए PHED की शिकायत व्यवस्था भी उपयोगी है।
नल-जल की समस्या चाहे पानी की सप्लाई बंद होने, पाइपलाइन टूटने, नल खराब होने या पानी की गुणवत्ता से जुड़ी हो, शिकायत में स्थान और समस्या की पूरी जानकारी देना सबसे जरूरी है। शिकायत दर्ज करने के बाद मिली ID को सुरक्षित रखकर समय-समय पर Status जांचना चाहिए।
फिलहाल बिहार में नल-जल से जुड़ी शिकायत के लिए नागरिक बिहार लोक शिकायत निवारण पोर्टल, PHED की शिकायत व्यवस्था और उपलब्ध टोल-फ्री माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज शिकायत की स्थिति Complaint ID से देखी जा सकती है और जरूरत पड़ने पर आगे की शिकायत निवारण प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
