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पीएम मोदी का जिक्र करते हुए भावुक हुईं स्मृति ईरानी, बोलीं- मेरे बाप के गिरेबान तक हाथ पहुंचा तो ये मेरी गलती है

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए एक हालिया पॉडकास्ट इंटरव्यू में भावुक हो गईं। टाइम्स नाऊ के साथ बातचीत में उन्होंने पीएम मोदी के कामकाज और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रसंगों का उल्लेख किया।

स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन के बाद उनके सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि वह पीएम मोदी को अपने पिता की उम्र का मानती हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को लेकर एक बयान दिया।

उन्होंने कहा, ‘ये आदमी, जिनकी मां मर गईं, वंदे भारत को झंडा दिखाने चला गया दाह संस्कार के बाद। इन्होंने बड़ी सभा करके नेताओं को इकट्ठा नहीं किया। मेरी पिता के उम्र के हैं। मेरे बाप के गिरेबान तक अगर आपका हाथ पहुंचा है तो ये मेरी गलती है।’

डैम परियोजना का भी किया जिक्र

इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीके को समझाने के लिए एक डैम परियोजना का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कल्पना 1946 में सरदार पटेल ने की थी और 1961 में इसका शिलान्यास हुआ था, लेकिन कई वर्षों तक यह आगे नहीं बढ़ सकी।

ईरानी के मुताबिक, 1980 तक परियोजना पूरी नहीं हुई और 1995 में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद काम पर रोक लग गई। उन्होंने बताया कि 2006-07 के आसपास नरेंद्र मोदी, जो उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे, को इस परियोजना से जुड़ी समस्याओं की जानकारी मिली।

स्मृति ईरानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर पत्राचार शुरू किया और सीमा क्षेत्र के दौरे के दौरान एक बीएसएफ जवान से भी मुलाकात की। जवान ने वहां पानी पहुंचाने की समस्या बताई, जिसके बाद मोदी ने इस मुद्दे को आगे उठाया।

ईरानी के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर डैम की ऊंचाई 17 मीटर बढ़ाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उस समय अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी सरकार ने 17 दिनों के भीतर डैम की ऊंचाई 17 मीटर बढ़ाने की अनुमति दे दी।

स्मृति ईरानी ने दावा किया कि इस परियोजना से करीब चार करोड़ लोगों को पानी मिला। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीके का उदाहरण बताते हुए अपने राजनीतिक अनुभव साझा किए।

राजनीतिक सफर पर भी बोलीं ईरानी

बातचीत के दौरान स्मृति ईरानी ने अपने राजनीतिक सफर और बीजेपी में मिली जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद करीब दो वर्षों तक उन्हें कोई बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं मिली थी। हाल ही में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।

राज्यसभा नहीं भेजे जाने और राजनीतिक पद को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पद उनके लिए पहचान नहीं है। उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक दौर को याद करते हुए बताया कि 2003 में वह पहली बार महाराष्ट्र बीजेपी युवा मोर्चा में पदाधिकारी बनी थीं। उस समय देवेंद्र फडणवीस उनके साथ उपाध्यक्ष थे।

उन्होंने कहा, ‘मैं 2003 में पहली बार युवा मोर्चा महाराष्ट्र में पदाधिकारी बनी। मेरे साथ जो उपाध्यक्ष थे, वे देवेंद्र फडणवीस थे। उस समय हम लोग प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे को देखा करते थे। मैंने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचेंगे।’

स्मृति ईरानी ने हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और बीजेपी संगठन में अपने अनुभवों पर भी बात की। सितंबर 2026 में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, संकल्प और काम के परिणामों से जोड़ते हुए भी उनकी तारीफ की थी।

हालिया इंटरव्यू में पीएम मोदी को लेकर उनकी भावुक टिप्पणी और डैम परियोजना से जुड़ा बयान सामने आने के बाद स्मृति ईरानी फिर चर्चा में हैं। वह फिलहाल बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर सक्रिय राजनीति में हैं।

Saket Kumar

Written by Saket Kumar

नमस्ते, मैं साकेत कुमार हूँ। पिछले 4+ सालों से मैं एक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहा हूँ। ताज़ा ख़बरों, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और ख़ासकर टेक्नोलॉजी व मोबाइल अपडेट्स को आसान शब्दों में आप तक पहुँचाना मुझे बहुत पसंद है।"

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