सीतामढ़ी के मुरादपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का काम धीमा मिलने पर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर संबंधित एजेंसी को काम में तेजी लाने और तय समय-सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का निर्देश दिया है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज जिले की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना है और इसके निर्माण में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित समय में काम में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई तो निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुरादपुर पहुंचकर लिया निर्माण का जायजा
जिलाधिकारी ने डुमरा प्रखंड के मुरादपुर स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग भवनों और परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई। इसके बाद डीएम ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को जरूरी निर्देश देते हुए मैनपावर और निर्माण सामग्री बढ़ाकर काम तेज करने को कहा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने का निर्देश
डीएम ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट किया कि काम की रफ्तार बढ़ाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप रखनी होगी। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्माण से जुड़े अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचनाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
500 बेड का होगा Teaching Hospital
मुरादपुर में बन रहा यह प्रोजेक्ट 100 MBBS सीटों वाले मेडिकल कॉलेज और 500 बेड के Teaching Hospital के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 25 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले परिसर में मेडिकल कॉलेज के साथ अस्पताल और दूसरी जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
परियोजना में नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा, सड़क, ड्रेनेज, पार्किंग, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास भी शामिल है।
निर्माण एजेंसी को समय सीमा का निर्देश
मेडिकल कॉलेज के निर्माण की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी BMSICL के माध्यम से कराई जा रही है। परियोजना के निर्माण में Shapoorji Pallonji Private Limited की एजेंसी भी काम से जुड़ी रही है।
इससे पहले भी निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन की ओर से एजेंसी को काम तेज करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जुलाई 2026 में भी निर्माण स्थल पर मजदूरों से जुड़ी समस्या और काम की गति को लेकर मामला सामने आया था।
मई 2026 में बदला गया मेडिकल कॉलेज का नाम
बिहार सरकार ने मई 2026 में सीतामढ़ी के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार की ओर से इसे सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना बताया गया है।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद सीतामढ़ी के साथ आसपास के जिलों और नेपाल से आने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। मेडिकल शिक्षा शुरू होने से जिले में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
नए जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने अगस्त 2026 में सीतामढ़ी का पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं की समय-सीमा, गुणवत्ता और कार्य प्रगति पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है।
मेडिकल कॉलेज के ताजा निरीक्षण के बाद निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से अब परियोजना की प्रगति की निगरानी करते हुए तय समय-सीमा में काम पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
