बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। 14 जिलों में 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 2021 के रिकॉर्ड को पार कर गया है। इस बीच मौसम विभाग ने 9 सितंबर को पांच जिलों में भारी बारिश को लेकर Orange Alert जारी किया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार तक बाढ़ का असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल में पहुंच चुका था। सोमवार को 13 जिलों में 29.13 लाख लोग प्रभावित थे, जो मंगलवार तक बढ़कर 35.89 लाख हो गए।
सुल्तानगंज में गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर मंगलवार को 36.81 मीटर तक पहुंच गया। यह 2021 में दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से ऊपर है। इसके बाद गंगा के डाउनस्ट्रीम इलाकों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
भागलपुर में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर का असर कई पंचायतों पर पड़ा है। जिले में 56 पंचायतों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
बाढ़ से 35.89 लाख लोग प्रभावित
बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 14 जिलों में बाढ़ से 35.89 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है, जिससे सड़क संपर्क और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। राज्य में NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं और लोगों की आवाजाही तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सरकारी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वैशाली में नाव पलटी, एक की मौत
वैशाली में गंगा नदी में 11 लोगों को ले जा रही नाव पलट गई। अधिकारियों के अनुसार हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है और नौ लोगों को बचा लिया गया।
भागलपुर के खारिक राघोपुर इलाके में भी मंगलवार सुबह एक छोटी नाव पलट गई थी। SDRF के जवानों ने नाव पर सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पांच जिलों में Orange Alert
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 9 सितंबर के लिए बिहार के पांच जिलों में Orange Alert जारी किया है। इनमें खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा 20 जिलों में Yellow Alert जारी किया गया है। इनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गया, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण शामिल हैं।
सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में अब तक बिहार में 79.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश से करीब 31 प्रतिशत अधिक है। लगातार हुई बारिश और ऊपर की ओर से नदियों में आए पानी के कारण कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है।
IMD के पूर्वानुमान में बिहार में 9 और 10 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद भी 11 से 14 सितंबर तक गरज, बिजली और कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
पटना समेत कई इलाकों में नदियों का दबाव
पटना में गंगा का जलस्तर कुछ स्थानों पर घटने लगा है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
राज्य की गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा जैसी नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की वजह से प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बिहार में राहत कार्यों के तहत सामुदायिक रसोई और राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। प्रभावित जिलों में प्रशासन को निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालने, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने तथा तटबंधों की निगरानी बनाए रखने की है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर पर स्थिति निर्भर करेगी।
फिलहाल बिहार में 14 जिलों के 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा 2021 के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड पार कर चुकी है। 9 सितंबर को खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में Orange Alert के बीच प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी और राहत अभियान जारी रखा है।
