बिहार में अब 30 साल से ज्यादा उम्र के करीब 6 करोड़ लोगों की घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा।
सरकार का मकसद गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर करना है, ताकि बीमारी बढ़ने का इंतजार न करना पड़े और जरूरत के मुताबिक समय पर इलाज शुरू किया जा सके।
30 साल से अधिक उम्र वालों की होगी स्क्रीनिंग
इस अभियान के तहत राज्य में 30 साल से ऊपर के लोगों की Health Screening की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच करेंगे और बीमारी से जुड़े संकेत मिलने पर आगे के उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
जांच में खास तौर पर इन बीमारियों पर ध्यान दिया जाएगा:
- मधुमेह
- हाई ब्लड प्रेशर
- सामान्य कैंसर
- हृदय रोग
- सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां
- फैटी लिवर
सरकार का जोर इस बात पर है कि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए। इसके बाद जरूरत के अनुसार मरीज को आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला अस्पताल तक इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

हर नागरिक का बनेगा Digital Health Record
अभियान के दौरान जांच कराने वाले नागरिकों का Digital Health Record भी तैयार किया जाएगा। इसमें उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दर्ज रहेगी, जिससे आगे इलाज के दौरान डॉक्टरों को जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।
मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वास्थ्य जांच जरूर कराने की अपील की है। उनका कहना है कि बीमारी का समय पर पता चलने पर सही और प्रभावी इलाज करना आसान होता है।
जिलों में जागरूकता रथ भी चलेंगे
अभियान को लेकर लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए सभी जिलों में जागरूकता रथ भी चलाए जाएंगे। इनका उद्देश्य लोगों को जांच कराने और समय पर बीमारी का इलाज कराने के लिए जागरूक करना है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अभियान की निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि इसका काम सही तरीके से आगे बढ़े और ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
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स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने पर भी जोर
सरकार इस अभियान के साथ स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्था को बेहतर करने पर भी काम कर रही है। इसके लिए ‘मिशन कायाकल्प’ के जरिए प्राथमिक और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की बात कही गई है।
इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
जिला अस्पतालों में बढ़ी सर्जरी की संख्या
कार्यक्रम में बताया गया कि जिला अस्पतालों में सर्जरी की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। अस्पतालों में पहले जहां 36 तरह की सर्जरी की जा रही थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 45 प्रकार हो गई है।
जून महीने में 2,428 ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद यह संख्या बढ़कर 8 हजार से अधिक हो गई है।
सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का असर मरीजों को मिल रही सेवाओं में भी दिखाई दे रहा है।
स्वास्थ्यकर्मियों की Training पर भी तैयारी
बिहार में नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं की Training देने की व्यवस्था करने की भी बात कही गई है। इसका उद्देश्य उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिहार और देश के बाहर भी काम कर सकें।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अभियान में सहयोग करने और अपनी बीमारी का समय पर इलाज कराने की अपील की।
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Conclusion
‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत बिहार में 30 साल से ज्यादा उम्र के करीब 6 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाने की योजना है। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में बीमारी की जल्द पहचान, Digital Health Record और जरूरत के मुताबिक उपचार पर फोकस रहेगा।

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