नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच फंसे 106 भारतीय पर्यटकों को आखिरकार सुरक्षित भारत वापस लाया गया। ये सभी लोग पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए नेपाल गए थे, लेकिन अचानक बिगड़े हालात के कारण वहां फंस गए। कई घंटों तक मदद का इंतजार करने के बाद उन्हें सुरक्षित निकालकर बिहार के सीतामढ़ी बॉर्डर तक पहुंचाया गया।
शुक्रवार को सभी पर्यटक भिट्ठामोड़ भारत-नेपाल सीमा के रास्ते बिहार पहुंचे। भारत लौटने के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू में मदद करने वाले अधिकारियों का आभार जताया।
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नेपाल में दो दिन तक खाने के लिए परेशान रहे पर्यटक

नेपाल में फंसे पर्यटकों ने वहां के हालात को बेहद डरावना बताया। उनका कहना था कि बाढ़ और खराब स्थिति के कारण उन्हें करीब दो दिनों तक ठीक से खाना तक नहीं मिल पाया।
पर्यटकों के मुताबिक, उस समय सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित बाहर निकलने की थी। कई लोगों को लगने लगा था कि शायद वे जल्द घर नहीं लौट पाएंगे। परिवार वाले भी उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर काफी परेशान थे।
बिहार और महाराष्ट्र सरकार ने मिलकर कराया रेस्क्यू
मामले की जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार से संपर्क किया। इसके बाद बिहार प्रशासन ने नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत शुरू की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने पर्यटकों को सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की। रेस्क्यू के बाद सभी 106 लोगों को बसों के जरिए भिट्ठा थाना क्षेत्र लाया गया।
यहां प्रशासन की ओर से पर्यटकों के लिए भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया, ताकि लंबी यात्रा के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
अधिकारियों को महिलाओं ने बांधी राखी
सीतामढ़ी पहुंचने के बाद माहौल उस समय भावुक हो गया, जब कुछ महिला पर्यटकों ने रेस्क्यू में मदद करने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को राखी बांधी।
महिलाओं ने एडीएम बृजकिशोर पांडे और एसडीएम गौरव कुमार समेत अन्य अधिकारियों को राखी बांधकर अपना आभार जताया। इस दौरान कई पर्यटकों की आंखों में खुशी के आंसू भी नजर आए।
उनका कहना था कि मुश्किल समय में प्रशासन ने जिस तरह मदद की, उसे वे हमेशा याद रखेंगे।
अब सभी पर्यटकों को महाराष्ट्र भेजने की तैयारी

106 भारतीय पर्यटकों के सुरक्षित भारत पहुंचने के बाद अब उन्हें महाराष्ट्र भेजने की तैयारी की जा रही है। सीतामढ़ी जिला प्रशासन उनकी आगे की यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम कर रहा है।
पर्यटकों के सुरक्षित लौटने से उनके परिवारों ने भी राहत की सांस ली है। नेपाल में बाढ़ के बीच फंसे इन लोगों के लिए बिहार प्रशासन की त्वरित कार्रवाई काफी अहम साबित हुई।

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