भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को Banking System में मौजूद अतिरिक्त Liquidity को कम करने के लिए दो Variable Rate Reverse Repo यानी VRRR Auctions के जरिए ₹6 लाख करोड़ से अधिक की राशि सोखी। दोनों Auctions में Banks की प्रतिक्रिया अलग-अलग रही, जहां 30-Day Auction में मांग कमजोर रही, वहीं Overnight Auction में अपेक्षाकृत बेहतर भागीदारी देखने को मिली।
RBI ने पहले ₹7 लाख करोड़ की notified amount के साथ 30-Day VRRR Auction किया। इसमें Banks की ओर से सिर्फ ₹2.59 लाख करोड़ से कुछ अधिक की Bids मिलीं, जिससे Central Bank को दूसरी Short-Term Auction की घोषणा करनी पड़ी।
30-Day VRRR Auction में मिली Bids को 5.24% के Cut-off और Weighted Average Rate पर स्वीकार किया गया। कम भागीदारी से संकेत मिला कि Banks लंबी अवधि के लिए अपनी अतिरिक्त रकम RBI के पास रखने को लेकर अधिक उत्सुक नहीं थे।
Overnight Auction में बेहतर भागीदारी
पहले Auction के बाद RBI ने ₹5 लाख करोड़ की notified amount के साथ Overnight VRRR Auction आयोजित किया। इसमें Banks ने ₹3,53,390 करोड़ की Bids जमा कीं, जो तय राशि के 70% से अधिक थी।
RBI ने Overnight Auction में पूरी ₹3,53,390 करोड़ की राशि 5.24% के Cut-off और Weighted Average Rate पर स्वीकार की। इससे साफ हुआ कि Banks लंबी अवधि की तुलना में कम अवधि के लिए अतिरिक्त Funds RBI के पास रखने में अधिक सहज रहे।
Banking System में ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा Surplus Liquidity
6 सितंबर तक Banking System में Surplus Liquidity करीब ₹11.16 लाख करोड़ आंकी गई थी। यह अतिरिक्त Liquidity हाल के महीनों में Foreign Currency Inflows और RBI की Special Forex Measures के बाद Banking System में आई बड़ी मात्रा में Funds से जुड़ी है।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक Special Forex Measures के जरिए कुल $136.38 billion जुटाए गए। इसमें FCNR(B) Deposits के माध्यम से $127.23 billion, OFCBs के जरिए $5.26 billion और ECBs के माध्यम से $3.89 billion शामिल थे।
FCNR(B) Deposit Window को मजबूत प्रतिक्रिया मिलने के बाद तय समय से करीब एक महीने पहले 31 अगस्त को बंद कर दिया गया था। वहीं ECB और OFCB से जुड़े उपायों के तहत Inflows की प्रक्रिया 31 दिसंबर तक जारी रहने की उम्मीद है।
RBI ने बढ़ाई Liquidity Absorption Activity
अतिरिक्त Liquidity को नियंत्रित करने और Short-Term Interest Rates को Policy Rate के अनुरूप रखने के लिए RBI ने VRRR Operations की संख्या बढ़ाई है। अगस्त से सितंबर की शुरुआत तक Central Bank ने अलग-अलग अवधि वाले 32 VRRR Auctions आयोजित किए हैं।
VRRR एक Monetary Policy Tool है, जिसके जरिए RBI Banks से अतिरिक्त Cash को अस्थायी रूप से अपने पास लेता है। इसका उद्देश्य Banking System में Liquidity की मात्रा को नियंत्रित करना और Money Market Rates को स्थिर रखना है।
7 सितंबर के इन दो Auctions में कुल मिलाकर RBI ने ₹6 लाख करोड़ से अधिक की अतिरिक्त Liquidity absorb की। आगे Banking System में Liquidity की स्थिति और Banks की मांग के आधार पर Central Bank इसी तरह के Operations जारी रख सकता है।
