लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने महिला आरक्षण कानून, परिसीमन और राजनीति में युवाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर एक अहम बयान दिया है। एबीपी न्यूज़ की एक्जीक्यूटिव एडिटर मेघा प्रसाद के साथ एक विशेष बातचीत में चिराग पासवान ने अपनी पार्टी की रणनीति और टिकट बंटवारे को लेकर खुलकर बात की।
‘मैंने 33% रिजर्वेशन का इंतजार नहीं किया’
सदन में महिलाओं और जेन जी (Gen Z) के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि जो भी दल उनकी आवाज बनने की कोशिश कर रहे हैं, यह उन सबकी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने अपनी पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा, “मुझे कोई वुमेन आरक्षण की जरूरत नहीं थी। मेरी पार्टी में 40 फीसदी के करीब महिलाओं को टिकट दिया गया और उन्हें जिताकर लाए। मैंने तो किसी 33 फीसदी रिजर्वेशन का इंतजार नहीं किया।”
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युवा नेताओं को मौका देने पर रखी बात

राजनीति में युवाओं और जेन जी को मौका देने पर बात करते हुए चिराग ने कहा कि उन्हें उस वक्त यह नहीं पता था कि कोई जेन जी आंदोलन आने वाला है, जिससे किसी युवा को टिकट दे दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि मेरी उम्र के नेता तो खुद इस बात से असहज रहते हैं कि वे युवाओं को टिकट न दें, क्योंकि वे उनसे ज्यादा मुखर हो जाते हैं और ज्यादा सीख चुके होते हैं।
चिराग पासवान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी पार्टी में पांच में से चार लोग खुद युवा हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे में मैंने तो अपनी भूमिका निभाई है। जिस दिन देश मुझे इजाजत देगा कि मैं अपने आप को 543 सीटों तक लेकर जा सकूं, उस दिन मुझसे प्रतिनिधित्व का सवाल जरूर कीजिएगा।”
गैर-राजनीतिक बैकग्राउंड के सवाल पर जवाब
बातचीत के दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों में से 5 सांसद राजनीतिक परिवारों से वास्ता रखते हैं और उन्हें बना-बनाया प्लेटफॉर्म मिला, तो किसी औसत परिवार के 24-26 साल के युवा का क्या होगा?
इस सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नॉन-पॉलिटिकल बैकग्राउंड वाले युवाओं को भी मौका दिया है। उन्होंने कहा कि चार सांसदों को अलग रखकर भी देखें तो अपनी सीमित व्यवस्था में उन्होंने हर किसी को शामिल करने की कोशिश की है।
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‘हर वर्ग का किया समावेश’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों में जो किया गया है, उसी का बड़ा रूप आगे देखने को मिलेगा। उन्होंने अपनी पार्टी में अनुभव, युवा, महिलाओं, जातीय समीकरण (अगड़ा-पिछड़ा), जेन जी और बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने स्तर पर उन्होंने सभी का समावेश करने की पूरी कोशिश की है।

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