सावन माह समाप्त होने के बाद रसोई और होटलों में प्याज की मांग बढ़ गई है। इसके बावजूद सीतामढ़ी में प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। थोक मंडियों में प्याज का भाव कम हुआ है, लेकिन खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को अब भी ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है।
थोक मंडी में घटे प्याज के दाम
सीतामढ़ी की विभिन्न थोक मंडियों में प्याज का भाव गिरकर 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। बाजार समिति के अलावा पुपरी, रीगा, सोनबरसा और सुरसंड मंडियों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। यहां नासिक, शाजापुर, इंदौर, संबलपुर और पुणे जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से प्याज की आवक हो रही है।
हालांकि कीमतों में लगातार बदलाव के कारण व्यापारियों ने माल मंगाने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। पहले जहां प्रतिदिन छह से सात ट्रक प्याज पहुंचता था, वहीं अब चार से पांच ट्रक ही बाजार में आ रहे हैं।
सीतामढ़ी में दो दिन से बारिश ने बढ़ाई परेशानी, कई सड़कें जलमग्न;…
खुदरा बाजार में राहत नहीं
थोक कीमतों में कमी आने के बावजूद खुदरा बाजार में प्याज 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। गृहणियों का कहना है कि सावन समाप्त होने के बाद प्याज की खपत बढ़ी है, लेकिन ऊंचे दाम के कारण जरूरत के अनुसार खरीदारी करना मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों को उठाना पड़ रहा नुकसान

थोक व्यापारियों के अनुसार एक सप्ताह पहले उन्होंने 47 से 48 रुपये प्रति किलो के भाव से प्याज खरीदकर स्टॉक किया था। अब कीमत गिरने से उन्हें सीधा नुकसान हो रहा है। प्याज लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, इसलिए व्यापारी मजबूरी में कम कीमत पर बिक्री कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में फिलहाल प्याज की कोई कमी नहीं है, लेकिन कीमतों में अस्थिरता के कारण जोखिम बढ़ गया है। घाटे से बचने के लिए कई व्यापारियों ने आवक भी कम कर दी है।
प्रशासन रख रहा नजर
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी तरह की किल्लत नहीं है। जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को बाजारों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर कीमतों की निगरानी कर रहा है।
नेपाल में फंसे 106 भारतीय पर्यटक सुरक्षित भारत लौटे, सीतामढ़ी बॉर्डर पर…
उपभोक्ताओं को कब मिलेगी राहत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मंडियों में प्याज की आवक सामान्य बनी रही तो खुदरा कीमतों में भी कमी देखने को मिल सकती है। फिलहाल थोक और खुदरा कीमतों के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।

2 thoughts on “सीतामढ़ी में प्याज के थोक भाव में गिरावट, खुदरा बाजार में अब भी 50 रुपये तक बिक रहा प्याज”